कान बंद करने पर भी गूंज रही थी वो गाली । कान बंद करने पर भी गूंज रही थी वो गाली ।
मेरे जज्बातों को पैरों तले कुचल जब तुम मुस्कराये। मेरे जज्बातों को पैरों तले कुचल जब तुम मुस्कराये।
चुभ रहीं थी वो चूडियाँ जिनकी खनक पर कभी वो इतराती थी । चुभ रहीं थी वो चूडियाँ जिनकी खनक पर कभी वो इतराती थी ।
सुलग रहे नारी रक्षा पर , जलते कई सवाल । होता उसका यौनिक शोषण ,हर दिन मचे बवाल।। सुलग रहे नारी रक्षा पर , जलते कई सवाल । होता उसका यौनिक शोषण ,हर दिन मचे बवाल...
हर बार की तरह इस बार भी विफल पुरुषत्व की नकेल कसने में असफल ! हर बार की तरह इस बार भी विफल पुरुषत्व की नकेल कसने में असफल !
तेरी बहन बेटी माँ के साथ भी ऐसा होता है तेरे जैसे और भी होंगे जिनका भी यही प्रयास होता है अरे छोड़... तेरी बहन बेटी माँ के साथ भी ऐसा होता है तेरे जैसे और भी होंगे जिनका भी यही प्रय...